किसी मासूम की आवाज से मैं रुकी
देखि जो मुडके तो कोई नहीं
बस एक साया धुन्दला सा
जेइसे मुझसे पूछना चाहती सवाल कई
दर्द से भरा वो चेहरा
वो कम्पते हुए हाथ
कुछ कहने की कोशिश, पर
वो लाल आँखों मैं आंसू की बरसात
कौन है वो,क्यूँ है वो
कोई साफ चेहरा क्यूँ नहीं दिखती
रत मैं,दिन मैं हर वक़्त
वो आती है और रो कर,रहती सहमी सहमी सी
दूर उससे जाने की कोशिश,
फिर न याद करने की कोशिश
लाख कोशिसो क बाद भी
दिमाग मैं रह गयी है वो अक्ष
Wednesday, September 9, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Yaad hai mujhe ...
तेरा प्यर तेरी मुस्कराहट तेरा पलना याद है मुझे। प्यारी सी झप्पी मीठी सी पप्पी मीठा हर पल याद है मुझे। राह दिखना बातें समझाना ...
-
तेरा प्यर तेरी मुस्कराहट तेरा पलना याद है मुझे। प्यारी सी झप्पी मीठी सी पप्पी मीठा हर पल याद है मुझे। राह दिखना बातें समझाना ...
-
आज थोडा भागते वक़्त को थाम लूँ आज थोडा ज़िन्दगी को जी भर क ज़ि लूँ आज थोडा मुस्कुराहट और बाँट लूँ और थोडा यादें चुपके चुरा लूँ ...
-
Raah aur manjil jab sath hai, to khoneka daar keisa Jab har safar humsafar k sath hae to thakne ka gunjaish keisa. Har mod pe taakti n...
No comments:
Post a Comment