Wednesday, January 18, 2012

आज थोडा भागते वक़्त को थाम लूँ ...

आज थोडा भागते वक़्त को थाम लूँ  
आज थोडा ज़िन्दगी को जी भर क ज़ि लूँ 
आज थोडा मुस्कुराहट और बाँट लूँ 
और थोडा यादें चुपके  चुरा लूँ 


थोडा तो कैद करलूं आसमा
जहाँ सितारे टिमटिमाते झूमे हर शमा 
या फिर धुन्दुं कोई छबि बादल मैं
हर वो कल्पना जेइसे ले अंगडाइयां 

आशा की किरण जागी है मन मैं
सम्भाल के रख लूँ 
नटखट सी झांकती सपनो को
एक नयी उम्मीद दूँ 

आज थोडा भागते वक़्त को थाम लूँ  ....




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