दुरी ये दो दिलों की,
इस कदर बढती चली गयी .
हम बस देखते रह गए,
साहिल हमसे छुट गयी.
इस ज़िंदगी की समंदर मैं
इस तरह तूफान उठी
मेरे सारे पप्नो के साथ
सारे खुशियाँ भी ले गयी
सिकवा नहीं किसीसे
ना ही सिकायत कोई
अपना ही तक़दीर थी
जो चलते चलते थम गयी
Monday, November 23, 2009
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Yaad hai mujhe ...
तेरा प्यर तेरी मुस्कराहट तेरा पलना याद है मुझे। प्यारी सी झप्पी मीठी सी पप्पी मीठा हर पल याद है मुझे। राह दिखना बातें समझाना ...
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किसी मासूम की आवाज से मैं रुकी देखि जो मुडके तो कोई नहीं बस एक साया धुन्दला सा जेइसे मुझसे पूछना चाहती सवाल कई दर्द से भरा वो चेहरा वो कम्...
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तेरा प्यर तेरी मुस्कराहट तेरा पलना याद है मुझे। प्यारी सी झप्पी मीठी सी पप्पी मीठा हर पल याद है मुझे। राह दिखना बातें समझाना ...
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Some rain of hope Some drop of beautiful smile All these can make a bouquet and place in life sail A unknown voice i hear something di...
hmmm nice one....seems you are in love...or has been hurt by someone...why so saddy saddy poem?
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